विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष -मन को शांत रखकर ही हम मानसिक रोगों से पार पा सकते -डॉ नेहा शर्मा
आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस है , कोविड -19 के इस दौर में लगभग हर इंसान मानसिक रूप से तनाव में है ,हर इंसान के जीवन में तनाव के अलग अलग कारण हैं , इस दौर में सबसे ज्यादा परेशान लोग अपनो को खोने से हैं क्योंकि कोरोना काल में हर इंसान अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगा है ,साथ में किसी की जॉब चली गयी किसी के प्रियजन चले गए किसी का व्यापार खत्म हो गया ,कोई बैंक लोन न चुका पाने से परेशान है और ये सब हमारे साथ ही नही बल्कि पूरे विश्व के लोग इस समय मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं ,अब आंकड़ो पर नजर डालते हैं
1) कोरोना काल मे 30 प्रतिशत तक आत्महत्या की दर बड़ी ।
2) आंकड़ों के लिहाज से आत्महत्या के मामलो में उत्तराखण्ड देश में तीसरे स्थान पर है , इस मामले में महिलाओं और लड़कियों की दर 50 फीसदी है ।
3) भारतीय जनगणना एवम राष्टीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ( एनसीआरबी ) के अनुसार वर्ष 2019 में प्रतिदिन औसतन 381 मामले सामने आये जबकि 2020 में इन आंकड़ो में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई ।
4) नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2019 में त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 728, हिमाचल में 584, ओर उत्तराखंड में 516 आत्महत्या के मामले आये सामने आये ।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ नेहा शर्मा के अनुसार कोविड काल में मानसिक रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है इसका मुख्य कारण लोगों में जरूरत से ज्यादा अपेक्षा का होना ,काल्पनिक दुनियां में जीना , दिखावा करना और हकीकत से दूर हो जाना है ,डॉ नेहा ने बताया कि यदि इंसान अपने साथ हो रही घटनाओं से सबक नही लेगा ,उनका आंकलन ठीक से नही करेगा , और वास्तविकता में नही जियेगा तो कहीं न कहीं इंसान के मानसिक स्वास्थ पर इसका सीधा असर पड़ेगा ,इसलिए वास्तविकता में जियें और ये समझें कि आप अकेले ही परेशान व्यक्ति नही हर इंसान के जीवन में कोई न कोई परेशानी जरूर है बस अपने मन को शांत रखकर ही हम मानसिक रोगों से पार पा सकते हैं ।