खबरिया ब्रेकिंग न्यूज़ ---
आज उपराष्ट्रपति करेंगे बाबा नीम करौली के दर्---हल्द्वानी : शहर के 13 चौराहों के चौड़ीकरण पर डीएम---कुमाऊँसीएम योगी आदित्यनाथ कल हल्द्वानी में क---
अल्मोड़ा ,  उत्तराखंड

कुमाऊं की होनहार हरिद्वार में जी रही खानाबदोश जीवन

कुमाऊं  यूनिवर्सिटी का अल्मोड़ा  कैंपस कभी हंसी प्रहरी के नारों से गूंजता था।  राजनीतिशास्त्र व इंग्लिश में  एमए किया। पर समय का पहिया किस ओर घूमता है ये किसे पता। जोे लड़की कभी विवि की पहचान हुआ करती थी वह आज भीख मांगने के लिए मजबूर है। हरिद्वार की सड़कों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और गंगा के घाटों पर उसे भीख मांगते हुए देखने पर शायद ही कोई यकीन करे कि उसका अतीत कितना सुनहरा रहा होगा।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के अंतर्गत गोविंन्दपुर के पास रणखिला गांव पड़ता है। इसी गांव में पली-बढ़ीं हंसी पांच भाई-बहनों में से सबसे बड़ी बेटी है। वह पूरे गांव में अपनी पढ़ाई को लेकर चर्चा में रहती थी। पिता बच्चो को पढ़ाने के लिए छोटा-मोटा रोजगार करते थे। गांव से इंटर पास करके हंसी ने कैम्पस में एडमिशन लिया और अन्य एक्टिविटीज में भाग लेकर साल 1998-99 में छात्र यूनियन की वाइस प्रेसिडेंट बनी।
हंसी  विश्वविद्यालय में  4 साल लाइब्रेरियन की नौकरी इसलिए मिली क्योंकि वह विश्वविद्यालय में होने वाली तमाम एजुकेशन से संबंधित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रथम आती थी ।
इसके बाद उन्होंने 2008 तक कई प्राइवेट जॉब भी की। 2011 के बाद हंसी की जिंदगी अचानक से बदल गई। उन्होंने साफ-साफ कुछ भी बताने से तो इन्कार कर दिया। क्योंकि वह नहीं चाहती कि उनकी वजह से दो भाई और बाकी परिवार के सदस्यों पर किसी तरह का भी फर्क पड़े। हंसी ने बताया कि वह इस वक्त जिस तरह की जिंदगी जी रही हैं, वह शादी के बाद हुई आपसी विवाद का नतीजा है।
दोबारा से जिंदगी की शुरुआत करने की हसरत
शादीशुदा जिंदगी में हुई उथल-पुथल के बाद हंसी कुछ समय तक अवसाद में रहीं और इसी बीच उसे अपना आसरा धर्म लगा और हरिद्वार पहुंच गईं। तब से ही वो अपने परिवार से अलग हैं। वो बताती हैं कि इस दौरान उसका स्वास्थ्य बिगड़ा और शारीरिक से नौकरी करने में असमर्थ हो गई ।
हंसी ने बताया कि वह 2012 के बाद से ही हरिद्वार में भिक्षा मांग कर अपना और अपने छह साल के बच्चे का पालन-पोषण करके फुटपाथ में ही सोती हैं। बेटी नानी के पास है।

One Comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!