क्या नए साल में हल्द्वानी को मिल सकता है आइएसबीटी, रिंगरोड, चिड़ियाघर व पार्किंग
आम जनता को 2020 से भी बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को घरो में कैद कर दिया, ऐसे में आने वाले साल से शहर के आम जानो को लोगों को सहर के इन बड़े प्रोजेक्टों के पंख लगने की उम्मीद हैं। इसमें रिंग रोड, आइएसबीटी, एसटीएच पार्किंग, नहर कवरिंग, चिडिय़ाघर और मिनी रिंग रोड यानी की नहर कवरिंग शामिल है।
आइएसबीटी : जून 2017 में गौलापार में नर कंकाल का मुद्दा उठने पर आइएसबीटी का काम रोक दिया गया था। जिसके बाद तीनपानी के पास जमीन को फाइनल को किया गया। मगर यह मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है।
रिंग रोड : 51 किमी लंबी रिंग रोड की घोषणा अप्रैल 2017 में मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। शुरूआत में 400 करोड़ इस प्रोजेक्ट में खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। अब तक शायद 4 गुना खर्च बाद गया हो
चिडिय़ाघर : गौलापार में कांग्रेस सरकार में चिडिय़ाघर का प्रस्ताव पास हुआ था। 412 हेक्टेयर में जमीन पर जू का निर्माण होना था। लेकिन बजट के संकट ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। टूरिज्म व रोजगार के नजरिये से यह अहम प्रोजेक्ट है।
एसटीएच पार्किंग : रामपुर रोड पर सुशीला तिवारी अस्पताल के पास 200 वाहनों की पार्किंग बनने के लिए पैसा जारी हुआ था। इसके अलावा आधा किमी सड़क भी फोरलेन होनी थी। लेकिन वन विभाग ने अपनी जमीन का हवाला देकर मामला अटका दिया।
मिनी रिंग रोड : दमुवाढूंगा में चौपुला पुल से कठघरिया तक 8.2 किमी लंबी नहर को कवर करने के बाद सड़क को चौड़ा किया जाना है।
मुखानी नहर कवरिंग : फरवरी 2018 में नैनीताल रोड पर नगर निगम के बगल से गुजरने वाली सिंचाई विभाग की नहर को कवर कर चार मीटर सड़क को आठ मीटर करने का प्रस्ताव शासन ने पास किया था।