खबरिया ब्रेकिंग न्यूज़ ---
आज उपराष्ट्रपति करेंगे बाबा नीम करौली के दर्---हल्द्वानी : शहर के 13 चौराहों के चौड़ीकरण पर डीएम---कुमाऊँसीएम योगी आदित्यनाथ कल हल्द्वानी में क---
उत्तराखंड

उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में पलायन सबसे बड़ी समस्या

कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय चन्द्र ने राज्य से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता जाहिर की है, उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की उत्तराखंड राज्य को पृथक हुए 20 साल हो चुके हैं, इन 20 सालो में उत्तराखंड की जनता ने 4 विधानसभा चुनावों को देख लिया है, 5वे विधानसभा चुनावों की अब तैयारी है, जानकारी के मुताबिक राज्य गठन से अब तक करीब 40 लाख से ज्यादा लोगो ने उत्तराखंड से पलायन कर लिया लेकिन सरकार की आंखे तब भी नही खुली, आज़ भी हालत जस के तस हैं जिसके चलते अब यह समझना बांकी रह गया है की जब पिछले 20 सालों में राज्य की जनता मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रही है तो फिर पलायन रुकेगा कैसे?
विजय चन्द्र ने कहा की वे बचपन से ही गांव से जुड़े हैं, उन्होंने गांव की दिक्कतों को समझा भी है, अगला विधानसभा चुनाव एक बार फिर शिक्षा, स्वास्थ, रोज़गार और सड़क के मुद्दे पर लड़ा जायेगा, पिछले 20 सालों के अतीत में यदि झाँक कर देखा जाय उत्तराखंड राज्य में पलायन त्रासदी की तरह नज़र आ रहा है, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर के ज़्यादातर गांवो से पलायन जारी है, सुख सुविधाओं के अभाव में सीमांत इलाको से लोग हलद्वानी या देहरादून जैसे शहरों में बस चुके हैं, कोविड के चलते जिन लोगों ने गांवो की तरफ़ अपना रुख किया लेकिन सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद के अभाव में उन्होंने एक बार फिर शहर का रुख कर लिया है, यानी रिवर्स पलायन को रोकने में सरकार नाकाम रही, स्थानीय लोगों का आरोप है की स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गांवो के लिये कोई योजना नही बनाई, रोजगार के नाम पर युवा अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं, जो लोग खेती कर रहे हैं उनकी फसल को जंगली जानवर नुकसान पहुंचा रहे हैं, लिहाज़ा सरकार कोई गांवो के विकास के लिये कोई ठोस योजना बनाने की जरूरत है।
उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया की पलायन का कारण यह है की चुनें हुए जनप्रतिनिधि कभी गांव जाते ही नही जिससे ग्रामीणों को विकास के नाम पर सिर्फ निराशा ही हाथ लगती है। लिहाज़ा पलायन को रोकने के लिये हम सबको एक मिशन के रूप में काम करने की आवश्यकता है।

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!