Engineers Day 2020: इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना -ताजमहल
लगभग 372 वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। अभियंता दिवस पर ताजमहल के आर्किटेक्ट और इंजीनियरिंग की तुलना बेमानी है। निर्माण के 372 वर्षों में ताजमहल ने भूकंप और बाढ़ का कहर झेला है, लेकिन उनसे बेअसर रहा। देश के जाने माने नींव विशेषज्ञ प्रोफेसर एस. सी. हांडा के मुताबिक ताजमहल जैसी दुनिया में कोई इमारत नहीं। ताज की नींव भूकंप के झटके झेलने लायक है। इंजीनियरों के मुताबिक ताज सदियों तक बना रहेगा।
आईआईटी रुड़की के रिटायर्ड प्रोफेसर एवं नींव विशेषज्ञ डॉ. एससी हांडा के अनुसार ताजमहल की दीवारें ककैया ईंटों की हैं और चूना पत्थर से जुड़ी हैं। चूना पत्थर के साथ गुड़ और कई चीजें इस्तेमाल की हैं, जो समय के साथ और मजबूत हो चुकी हैं। ऐसे में कम से कम 200 से 300 साल तक ताजमहल को कोई खतरा नहीं है। इसकी नींव काफी मजबूत है और बड़े से बड़ा भूकंप भी इसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।