उत्तराखंड: 319 साल पुराना दुर्लभ ताम्रपत्र मिला
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पुरातत्व विभाग को राजा ज्ञान चंद के शासनकाल का करीब 319 साल पुराना एक दुर्लभ ताम्रपत्र मिला है। ताम्रपत्र के जरिए राजा ज्ञान चंद ने द्वाराहाट के दूनागिरि क्षेत्र में सिमल्टिया निवासी तीन व्यक्तियों को ज्यूला और खुनौ की पैताल की भूमि से लगी हुई 300 नाली भूमि दान में दी थी। यह ताम्रपत्र सिमल्टा गांव के मूल निवासी अवकाश प्राप्त कर्नल दिव्यदर्शन पांडे के पास सुरक्षित रखा हुआ है। पुरातत्व विभाग जल्द ही इस ताम्रपत्र को विभाग में रजिस्टर्ड भी करवाएगा। ताम्रपत्र कुमाऊंनी भाषा और देवनागिरीलिपि में लिखा गया है।
यह दुर्लभ ताम्रपत्र राजा ज्ञानचंद ने 18 अगस्त 1701 को पूर्णिमा के दिन जारी किया था। ताम्रपत्र में चक्रगिरधर, जैराम और चंद्रेश्वर सिमल्टिया को 300 नाली भूमि दान में देने की घोषणा की गई है। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सहायक अधीक्षण पुराविद् मनोज जोशी के माध्यम से ही इस दुर्लभ ताम्रपत्र के बारे में जानकारी मिली। ताम्रपत्र सिमल्टा निवासी अवकाशप्राप्त कर्नल दिव्यदर्शन पांडे के पास मिला है। जो अब बंगलूरू में रहते हैं। डॉ. चौहान ने बताया कि ताम्रपत्र उन्हीं के घर पर रहेगा लेकिन इसे पुरातत्व विभाग में रजिस्टर्ड करने की कार्यवाही भी की जा रही है। कुछ दिन पूर्व भी एक अन्य दुर्लभ ताम्रपत्र मिला था, जिसमें राजा ज्ञान चंद द्वारा सिमल्टा गांव को दान में देने का आदेश जारी किया गया था।