कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया का मुख्यमंत्री पर राजनीतिक द्वेष भावना और क्षेत्रवाद का आरोप
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर राजनीतिक द्वेष भावना और क्षेत्रवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में स्वीकृत आईएसबीटी के बनने से न केवल हल्द्वानी बल्कि पूरे कुमाऊं की जनता को इसका लाभ मिलना था। हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र के विकास को मद्देनज़र रखते हुए कांग्रेस ने गौलापार में आईएसबीटी बनाने की शुरुआत की थी। भाजपा ने सत्ता में आते ही सबसे पहले आईएसबीटी का काम रोक दिया। जिस आईएसबीटी को बनाने में अभी तक 2.15 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं और ढाई हजार से अधिक पेड़ों की बलि चढ़ाई गई ।आज उसी ड्रीम प्रोजेक्ट को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। इतना ही नही आईएसबीटी के लिये आवंटित भूमि को वन विभाग को वापस भी कर दिया गया। अब आईएसबीटी कहाँ बनेगा कोई नही जानता, क्योंकि वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत फ़ॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलना बहुत कठिन है ,चिन्हित क्षेत्र में संरक्षित वृक्ष बहुतायत में हैं साँथ ही ऐक्ट के तहत क्लियरेंस मिलने में बहुत अड़ंगे हैं। भाजपा के इस प्रोजेक्ट को बन्द करने से उसका विकास विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
दूसरा शहर का मुख्य ड्रीम प्रोजेक्ट रिंग रोड का काम भाजपा शुरू तक नहीं करा पाई। जबकि साढ़े 3 साल पहले अप्रैल 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में रिंग रोड के लिए 400 करोड़ रुपये स्वीकृत कराने की घोषणा की थी। जबकि इसमें सरकार अभी तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई। इससे साफ़ है मुख्यमंत्री अपनी घोषणा के लिए गंभीर नहीं है मात्र राजनीतिक लाभ लेने के लिए लोगों को हसीन सपने दिखाने का काम कर रहे हैं। शहर के अंदर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है , जिस कारण लोगों को हर समय जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर के सभी वार्डों में गली मोहल्ले की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। सड़कों के गड्ढों में जहां जल भराव हो रहा है वही लोग चोटिल हो रहे हैं। हर बारिश में हल्द्वानी की सड़कें नदी नालों का रूप ले लेती है जिससे लोगो की जान को ख़तरा रहता है फिर भी भाजपा सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है।