जसुली देवी शौक्याणी की धर्मशाला का भूमिपूजन

अल्मोड़ा। जिले में जसुली देवी शौक्याणी की धर्मशालाओं को अतिथि गृह के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को लमगड़ा ब्लॉक के गड़ापानी में धर्मशाला का भूमि पूजन के साथ कार्य शुरू कर दिया गया। जिले के साथ ही कुमाऊं भर में यह पहली धर्मशाला का कार्य शुरू हुआ है।
दानवीर के नाम से प्रसिद्ध जसुली देवी शौक्याणी ने डेढ़ सौ साल पहले अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़ समेत अन्य जगहों पर कई धर्मशालाओं का निर्माण कराया था। जसुली शौक्याणी उस जमाने में सर्वाधिक धनी महिलाओं में से थीं। एकमात्र बेटे की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति का कोई वारिश नहीं था। अंग्रेज कमिश्नर रैमजे के सुझाव पर जसुली शौक्याणी ने कैलाश मानसरोवर धार्मिक यात्रा मार्ग पर 300 से अधिक धर्मशालाएं बनवाईं। रखरखाव के अभाव में अब धर्मशालाएं जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं।
पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग के माध्यम से इन धर्मशालाओं को नया रूप देने का फैसला लिया। इसके तहत कुमाऊं के तमाम स्थानों पर धर्मशालाओं की खोज कर चिह्नित किया जा रहा है। पहले चरण में मंगलवार को लमगड़ा में धर्मशाला के अतिथि गृह के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू हुआ है।