बित्त मंत्री का आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान – जानिए क्या है आपके लिए
कोरोना संकट और फिर लागू हुए लॉकडाउन की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने के लिए मोदी सरकार ने आज 2.65 करोड़ रुपये के एक और राहत पैकेज की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल में आए आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान कर दिया। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है जिससे देश में नए रोजगार का सृजन हो सके। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुड़े थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच चली गई थी उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा। यह योजना एक अक्तूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़ें और पीएफ का फायदा उठाएं। ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए पंजीकृत नहीं थे और जिनकी सैलरी 15 हजार से कम है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। जिन लोगों के पास अगस्त से सितंबर तक नौकरी नहीं थी लेकिन बाद में पीएफ से जुड़े हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। सरकार दो साल तक एक हजार कर्मचारियों वाली संस्थाओं को नई भर्ती वाले कर्मचारियों के पीएफ का पूरा 24 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के तौर पर देगी। यह एक अक्तूबर से लागू होगा। एक हजार से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थान मे नए कर्मचारी के 12 प्रतिशत पीएफ योगदान पर सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम शहरी आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे कुल 30 लाख मकानों को फायदा मिलेगा। यह राशि बजट में घोषित आठ हजार करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी। इससे 78 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
कामत समिति की सिफारिश के आधार पर 26 दबावग्रस्त क्षेत्रों की पहचान की गई है। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों के लिए ईसीएलजीएस स्कीम 2.0 शुरू की जा रही है। एमएसएमई सेक्टर को भी इसका फायदा मिलेगा। इसमें मूलधन चुकाने के लिए पांच साल का समय दिया गया है। इसमें कर्जधारक कंपनियों को एक साल तक 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक का मोरेटोरियम दिया जाएगा। यह योजना 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी।
इसके साथ ही उन्होंने निर्माण और बुनियादी ढांचा सेक्टर की कंपनियों को अब कॉन्ट्रैक्ट के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर पांच से 10 प्रतिशत के स्थान पर केवल तीन प्रतिशत की रकम रखनी होगी। यह राहत 31 दिसंबर, 2021 तक जारी रहेगी गरीब कल्याण योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसका इस्तेमाल मनरेगा या ग्राम सड़क योजना के लिए किया जा सकेगा।
किसानों को उर्वरक सब्सिडी देने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
कोविड वैक्सीन के शोध के लिए कोविड सुरक्षा मिशन के तहत डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को 900 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। ताकि वैक्सीन पर शोध किया जा सके।