धर्म
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नवरात्रि -2020
इस नवरात्रि में दुर्गा मां का आगमन घोड़े पर होगा दुर्गा मां का वाहन सिंह है लेकिन इस नवरात्रि में उनका आगमन घोड़े पर होगा। हर साल नवरात्रि पर देवी अलग-अलग वाहन से धरती पर आती हैं। नवरात्रि की शुरुआत शनिवार से हो रही है। यह जानकारी हल्द्वानी के ज्योतिष पं. शुभाष जोशी जी ने बताया कि नवरात्रि का पहला दिन शनिवार होने के कारण मां दुर्गा घोड़े की सवारी करते हुए पृथ्वी पर आएंगी। जब मां दुर्गा की सवारी घोड़ा रहता है। तब पड़ोसी देशों से युद्ध, गृह युद्ध, आंधी-तूफान और सत्ता में उथल पुथल जैसी गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। साथ ही नवरात्रि का आखिरी दिन रविवार…
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शरदीय नवरात्रि – नवरात्र पर विशेष- नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व पूजन विधि – दुर्गा के नौ रूप
नवरात्रि एक हिंदू त्योहार है जो नौ रातों {नव+रात्रि }(और दस दिनों) तक है व हर साल शरद ऋतु में मनाया जाता है। भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है । सैद्धांतिक रूप से, चार मौसमी नवरात्रि हैं । हालाँकि, व्यवहार में, यह शारदा नवरात्रि मानसून के बाद का त्योहार है जो दिव्य स्त्री देवी ( दुर्गा ) के सम्मान में सबसे अधिक मनाया जाता है । यह त्योहार हिंदू कैलेंडर माह अश्विन के उज्ज्वल आधे में मनाया जाता है, जो आम तौर पर सितंबर और अक्टूबर के महीनों में पड़ता है। देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों मे दुर्गा पूजा का पर्याय है…
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पितृ विसर्जन पर बद्रीनाथ धाम मे पिंड दान
उत्तराखंड के पवित्र धाम बद्रीनाथ मंदिर मे आज पितृ विसर्जन के अवसर पर पहली बार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, लगभग 400 श्रद्धालुओं ने भगवान बद्रीविशाल जी के दर्शन किए । करोना काल मे पहली बार पुलिस ने श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करवाया वही पितृ विसर्जन के अवसर पर ब्रह्मकपाल पर भी भारी संख्या में पहुँच कर अपने पित्रो के नाम पिंड दान तर्पण किया। पित्र विसर्जन के दिन लगभग 200 श्रद्धालुओं ने अपने पित्रो के नाम का पिंड दान व तर्पण किया । इस अवसर पर बदरीनाथ मे कुमाऊँ के पूर्व कमिश्नर राजीव रोतेला एवं सीजीएम चमोली सुधीर कुमार ने भी भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर ब्रह्मकपाल…
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Navratri 2020 : जानिए कब से है शारदीय नवरात्रि
हर वर्ष श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। अधिकमास लगने से नवरात्रि 20-25 दिन आगे खिसक जाएंगे। इस साल दो महीने अधिकमास लग रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित शुभाष जोशी जी ने बताया कि दरअसल लीप वर्ष होने के कारण ऐसा हो रहा है। इसलिए इस बार चातुर्मास जो हमेशा चार महीने का होता है, इस बार पांच महीने का होगा। ज्योतिष की मानें तो 165 साल बाद लीप ईयर और अधिकमास दोनों ही एक साल में हो रहे हैं। चतुर्मास…
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पितृ-पक्ष – श्राद्ध 2020
हिंदू धर्म में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक रीति-रिवाज़, व्रत-त्यौहार व परंपराएं मौजूद हैं। हिंदूओं में जातक के गर्भधारण से लेकर मृत्योपरांत तक अनेक प्रकार के संस्कार किये जाते हैं। अंत्येष्टि को अंतिम संस्कार माना जाता है। लेकिन अंत्येष्टि के पश्चात भी कुछ ऐसे कर्म होते हैं जिन्हें मृतक के संबंधी विशेषकर संतान को करना होता है। श्राद्ध कर्म उन्हीं में से एक है। पूरे बर्ष पित्र पक्ष के अलावा एक तिथि वाला श्राद्ध भी होता है जो मृत्यु तिथि के दिन होता है लेकिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पूरा पखवाड़ा श्राद्ध कर्म करने का विधान है। इसलिये अपने पूर्वज़ों को के प्रति…