सेंचुरी पेपर मिल में मजदूरों का शोषण , 28 अक्टूबर को महत्त्वपूर्ण बैठक
एशिया की सबसे बड़ी मिलो में से एक सेंचुरी पेपर मिल में मजदूरों का जमकर शोषण किया जा रहा है।
12 घंटे काम कराने के बाद भी कर्मचारियों को ओवरटाइम के पैसे नही दे रहा है मिल प्रशासन । शासन प्रशासन के अलावा पेपर मिल के अंदर चल रहे कई मजदूर संगठन भी पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं । हालांकि अब दो संगठनों देवभूमि वर्कर यूनियन और सीपीपी कामगार यूनियन ने मजदूरों हितों में आवाज उठाई है ,और मामला डिप्टी लेबर कमिश्नर तक पहुंचा है ,जिससे मिल कर्मचारियों को थोड़ी आज जगी है , डिप्टी लेबर कमिश्नर ने आगामी 28 अक्टूबर को एक त्रिपक्षीय बैठक बुलाई है जिसमें दो यूनियनों के अलावा सेंचुरी पेपर मिल प्रशासन को भी बुलाया गया है। मिल कर्मचारियों का आरोप है कि मिल प्रशासन राज्यपाल कार्यालय से एक आदेश बना लाई है जिसके अनुसार 31 मार्च 2021 तक यहां पर मजदूरों से 12 घंटे काम लिया जा सकेगा और इसी आदेश की आड़ में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है । मजदूरों को 8 घंटे की ड्यूटी के बाद अगले 4 घंटे जो ओवर टाइम कराया जाता है उसका दुगना पेमेंट किया जाता है। लेकिन यहां मिल प्रशासन उनका ओवरटाइम का पैसा नहीं दे रहा है ।
अब मिल कर्मचारियों की निगाहें 28 अक्टूबर को डिप्टी लेबर कमिश्नर द्वारा बुलाई गई बैठक पर टिकी हैं जिसमें मिल मजदूरों के हक में अहम फैसला लिया जा सकता है ।