स्वदेशी अपनाकर ही देश आत्मनिर्भर हो सकता है : गांधी व शास्त्री जयंती पर परिचर्चा

सरस्वती शिशु मंदिर भीमताल में गांधी व शास्त्री जयंती पर वर्तमान परिपेक्ष्य में स्वेदशी वस्तुओं की उपयोगिता पर परिचर्चा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने स्वेदशी अपनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वदेशी को अपनाकर व बढ़ावा देकर ही आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
इससे पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य गणेश सिंह ने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। विद्यालय के प्रबंधक बच्ची सिंह बिष्ट ने स्वदेशी के महत्व को विस्तार से बताया। वक्ता किरन व सुशीला जी ने स्वदेशी आंदोलन पर विचार रखे। मोहन बिष्ट ने स्वदेशी वस्तुओं की उपयोगिता पर बात रखी। विद्या भारती की जिले की आईटी प्रमुख हेमा जी ने नई शिक्षा नीति की उपयोगिता पर चर्चा की। गोष्ठी में नगर संघ चालक विपिन पांडे, चेतन जोशी, देवकी पांडे, प्रेमा आर्या आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम में ममता, चम्पा ज्योति, मुरलीधर, ममत पंवार, राजेंद्र बसनेत, रेनू आर्या, विमला, रेखा, रीता चन्द्रा, भगवती साह, पूनम अधिकारी आदि लोग मौजूद रहे।
उपया में शुक्रवार को स्वदेशी अपनाओं पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने लोगों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर जोर दिया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक बच्ची बिष्ट ने लोगों से विदेशी वस्तुओं का पूरी तरह बहिष्कार करने पर जोर दिया। पूर्व अध्यापिका देवकी पांडे ने स्वदेशी वस्तुओं के महत्व बताते हुए कहा स्वदेशी अपनाने से यहां के लोगों को रोजगार मुहैया होगा। अंत में प्रधानाचार्य गणेश बिष्ट ने सभी का आभार प्रकट किया । इस दौरान गांधी व शास्त्री की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया।
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Mohamed Barger
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