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सांसारिक बंधनों से मुक्तिके लिए खास है मोक्षदा एकादशी- आचार्य शुभाष जोशी

 आचार्य शुभाष जोशी ने बताया कि 25 दिसंबर को  मोक्षदा एकादशी मनाई जाएगी। मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने से प्राणी सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होता है एवं नरक में गए पितरों को इस व्रत के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन पाण्डु पुत्र अर्जुन को   गीता का उपदेश दिया था। इसलिए इस तिथि को गीता जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

क्यो खास होती है एकादशी
हिन्दू  धर्म में प्रत्येक महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को व्रत, स्नान, दान आदि के लिये बहुत शुभ फलदायी माना गया है। एकादशी व्रत को करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है।

एकादशी तिथि का उपवास बुद्धिमान, शांति प्रदाता व संततिदायक है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान व भगवान विष्णु के पूजन का विशेष महत्त्व है। इस व्रत को करने से प्राणी के जन्म-जन्मांतर के पाप मुक्त  हो जाते हैं तथा जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।

  यह एकादशी सभी पापों का हरण करके पुण्य प्रदान करने वाली है। इस दिन तुलसी की मंजरी तथा पीला चन्दन, रोली, अक्षत, पीले पुष्प, ऋतु फल एवं धूप-दीप, नैवैद्य आदि से भगवान दामोदर का भक्ति पूर्वक पूजन करना चाहिए। रात्रि में विष्णु भगवान की प्रसन्नता के लिए भजन-कीर्तन और स्तुति के द्वारा जागरण करना चाहिए।

मोक्ष देने वाली यह एकादशी मनुष्यों के लिए चिंतामणि के समान समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाली है। इस दिन भगवतगीता का पाठ करने से व्यक्ति के सब दुःख दूर होते है। गीता पाठ करने से निश्चय ही धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 मोक्षदा एकादशी का तात्पर्य है मोह का नाश करने वाली। इस कारण इसे मोक्षदा एकादशी कहा गया है। मोक्षदा एकादशी व्रत के प्रभाव से मनुष्य के पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है   इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं। आप मोक्षदा एकादशी के दिन ये उपाय कर सकते हैं

मनोकामना पूर्ति के लिए  एकादशी पर भगवान विष्णु की पीले रंग के फूलों से पूजा अवश्य करनी चाहिए। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है। पीले रंग के पुष्प जगत के पालनहार विष्णु जी को बेहद ही प्रिय होते हैं।

कर्जमुक्ति के लिए एकादशी पर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास मन जाता है। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।

भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिए करें  एकादशी पर पीले रंग के फल, कपड़े व अनाज भगवान विष्णु को अर्पित करें। बाद में ये सभी चीजें गरीबों को दान कर देनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

परिजनों के सुखी जीवन के लिए  इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाना चाहिए। खीर में तुलसी के पत्ते डाल कर भोग लगाएं। इससे घर में शांति बनी रहती है। परिजनों के बीच भाईचारा बना रहता है।

घर की सुख-शांति के लिए इंदिरा एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक लगाए और ॐ वासुदेवाय नमः मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और घर में किसी भी तरह का संकट नहीं आता है।

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