कोरोना वायरस संक्रमण के स्प्रेडर हो सकते हैं बच्चे-आईसीएमआर
कोरोना महामारी ने दुनिया भर में टहलका मचा रखा है। इस महामारी से दुनिया के कई देशों में कोहराम है। अब तक ये वायरस लाखों लोगों की जान ले चुका है। लेकिन अच्छी बात ये है कि इस वायरस ने अभी तक बच्चों को अपना शिकार कम बनाया है। बच्चों में इसका खतरा कम है लेकिन उन्हें घरों में ही रहने को कहा जाता है। इस बीच भारत में कोरोना वायरस और बच्चों में इसके खतरे को लेकर एक नई बात सामने आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा है कि बच्चे कोरोना वायरस के के स्प्रेडर या सुपर-स्प्रेडर हो सकते हैं जिनसे कोरोना लोगों में फैल सकता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि बच्चों को कोरोना वायरस के खिलाफ संरक्षित माना जाता है। हालांकि, कुछ सबूत हैं जो ये बताते हैं कि बच्चे कोरोना वायरस को फैलाने के स्प्रेडर हो सकते हैं। मिजोरम में बच्चों के संदर्भ में एक मीडिया क्वेरी को संबोधित करते हुए डॉक्टर बलराम भार्गव ने कावासाकी रोग का उल्लेख किया जो कि दुनिया के अन्य हिस्सों में कोरोना के साथ-साथ बच्चों के बीच हो रही एक बीमारी है।