हरदा के बयान से पार्टी में घमासान
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को सेनापति घोषित कर सरकार आने की स्थिति में उसी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग हाईकमान के सामने रख दी है।
उनके इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हंगामा खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने खुलकर पटलवार करते हुए कहा कि सेनापति हमेशा से प्रदेशाध्यक्ष होता है प्रांत में प्रदेशाध्यक्ष और राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष होता है। फिर हरीश रावत कौन से सेनापति की बात कर रहे हैं।
इंदिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने भी साफ कर दिया है कि आगामी विस चुनाव में स्थानीय स्तर पर हरीश रावत, डॉ. इंदिरा हृदयेश व प्रीतम सिंह ही चुनावी चेहरा होंगे। वहीं हर दा के इस बयान के बाद कांग्रेस में फिर से मुख्यमंत्री दावेदारी को लेकर घमासान मच गया है।