त्रिवेंद्र का मास्टर स्ट्रोक – सैन्यधाम का शिलान्यास

उत्तराखंड की एक पहचान सैन्य परिवार की भी है। शायद ही कोई परिवार हो, जिसका सदस्य सेना में न हो उत्तराखंड ने देश को सच्चे बलिदानी सुपुत्र दिए है स्वतंत्रता संग्राम के अलावा कितने पल ऐसे भी है जब अपने जांबाजों ने सर्वोच्च बलिदान अर्पित कर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया।
सियासी पार्टियां भली भांति यह समझती हैं कि सैन्य परिवार उत्तराखंड में बड़े वोट बैंक की भूमिका में हैं। सैन्य परिवार को अब तक भाजपा से जुड़ा माना जाता है है। मुख्यमंत्री ने राजधानी में सैन्यधाम की स्थापना के लिए कदम बढ़ाया है।
विगत इलेक्शन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के चार धाम के बाद पांचवें धाम के रूप में सैन्य धाम का विशेषण किया था। अब सरकार ने इस दिशा में पहल कर दी है। सैन्य परिवारों की महत्ता को देखते हुए इस पहल को त्रिवेंद्र का मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है