पर्यटक नगरी को नए जिलाधिकारी से खासी उम्मीदें
पौड़ी में स्थानीय पर्यटन को नए कलेवर में पेश कर सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोरने वाले जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल से नैनीताल के पर्यटन कारोबारियों को खासी उम्मीदें हैं।
पर्यटन और साहसिक क्रियाकलापों में विशेष रुचि रखने वाले धीराज से अब नैनीताल को भी उम्मीदें हैं। स्थानीय लोगो को आशा है की जिलाधिकारी के रूप में धीराज नैनीताल जिले को यहाँ की सामान्य समस्याओ ( शिक्षा स्वास्थ , पर्यटन, झीलों के सौंदर्यीकरण, बलियानाले का स्थायी समाधान समेत तमाम समस्याओं से निजात दिलाएंगे।
2009 के आईएएस कैडर गर्ब्याल 1999 बैच के पीसीएस रहे है मूल रूप से सीमांत क्षेत्र गर्बयांग के निवासी धीराज की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। बाद में 1993-94 में कुविवि के डीएसबी परिसर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वह पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए और कुछ समय बाद ही उन्होंने पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।
वह नैनीताल जिले में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, प्राधिकरण सचिव व कुमाऊं मंडल विकास निगम में प्रबंध निदेशक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने नैनीताल, भीमताल, रामगढ़, मुक्तेश्वर आदि क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं को अंजाम दिलाया।
प्राधिकरण सचिव रहते उन्होंने सातताल के सौंदर्यीकरण की महत्वाकांक्षी योजना बनाई । भीमताल झील के बीच टापू में एक्वेरियम भी गर्बयाल के कार्यकाल में ही बना।
पौड़ी में जिलाधिकारी रहते धीराज सिंह ने स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। नए पर्यटक स्थलों का विकास हो या फिर पहाड़ की परंपरागत शैली में होम स्टे की नींव रखना। ये सब काम उन्होंने बखूबी से किये