उत्तराखंड -वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाइयों का गठन ; जानिए क्या होंगे दायित्य

उत्तराखंड में वन्यजीव सुरक्षा के मद्देनजर गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाइयां गठित कर दी गई हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। ये इकाइयां विशुद्ध रूप से वन्यजीवों के शिकार की रोकथाम के साथ ही अपराधियों पर नकेल कसने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगी। वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य में लंबे समय से स्वतंत्र इकाइयों के गठन पर जोर दिया जा रहा था। राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई थी। अब राष्ट्रीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की तर्ज पर राज्य के दोनों मंडलों के लिए अलग-अलग वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाइयां गठित की गई हैं।
ये होंगे दायित्व
- खुफिया सूचनाएं एकत्रित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान करना
- वन्यजीव अपराध और अपराधियों का डाटा बेस तैयार करना
- वन्यजीव अपराधों की जांच और आरोपितों को न्यायोचित दंड दिलाना
- विभागीय समन्वय स्थापित करना, सरकार को परामर्श देना
- वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ नोडल के तौर पर कार्य करना