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नैनीताल

कोरोना के नाम पर उत्पीड़न का आरोप !

हल्द्वानी के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नवीन आर्य स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही के शिकार हुए हैं उनके अनुसार 21 नवंबर को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के बच्चों तथा स्टाफ के कोरोना सैंपल लिए गए थे जिसमें उनको कोरोना पॉजिटिव बताकर 17 दिन कोरेंटिन किया गया जबकि उनको कोविड-19 से संबंधित किसी भी तरह के लक्षण नहीं थे , 17 दिनों के बाद जब उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट मंगाई तो उस रिपोर्ट में प्रधानाचार्य नवीन आर्य को नगेटिव दिखाए गया था जिसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए , नवीन आर्य के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने उनको कोरोना पॉजिटिव बताकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया है , इस वजह से वह अपने पारिवारिक लोगों से दूर रहे अपने भतीजे की शादी में शामिल नहीं हो सके इसके अलावा उनको कोरोना पॉजिटिव बताने के बाद 3 दिनों तक स्कूल को बंद रखा गया सारे स्टाफ और बच्चों को होम कोरेंटिन रहने को कहा गया जिससे स्कूल की गतिविधियां बुरी यरह प्रभावित हुई , 10वीं और 12वीं के छात्रों के बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म जमा करने का काम अंतिम चरण में है जिससे यह काम भी प्रभावित हुआ ।

अचानक उनको कोरोना पॉजिटिव बताकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया जिस वजह से उनका शुगर लेवल बढ़ने लगा और वह किसी तरह अपने आप को इस भयंकर लापरवाही से वापस निकाल पाए उनको और उनके परिवार को जिस तरह से मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा उसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी जो इस लापरवाही में शामिल रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जिससे लोगों को यह संदेश जाए की किसी के भी साथ इस तरह से कोरोना के नाम से उत्पीड़न न किया जाए , सरकार को भी इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इस तरह की कमियों को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भी ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जो इस गंभीर बीमारी के प्रति लापरवाह बने हुए हैं उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए , प्रधानाचार्य नवीन आर्य ने कहा कि उन्होंने बहुत मानसिक उत्पीड़न झेला है और वह चाहते हैं कि किसी अन्य के साथ इस तरह की कोताही ना हो यदि किसी अक्षम व्यक्ति के साथ इस तरह की कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग करेगा तो वह गरीब मौत के मुंह में भी जा सकता है ।

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