ब्लैकमेलर है हरक सिंह रावत-कॉंग्रेस
वन मंत्री मंत्री हरक सिंह रावत के चुनाव न लड़ने की घोषणा को कॉंग्रेस प्रदेश प्रवक्ता दीपक बलुटिया ने हाईप्रोफ़ाइल ड्रामा क़रार दिया , उन्होंने कहा की हरक सिंह रावत की शुरू से ही फ़ितरत रही है कि इस तरह के बयान देकर अपने आपको सुर्ख़ीयों में रखना चाहते हैं सरकार द्वारा स्टेट लेबर वेलफेयर बोर्ड से हटाए जाने से नाराज हरक सिंह रावत अपनी ही सरकार को ब्लैकमेल कर है और भाजपा सरकार व संगठन उनके आगे नतमस्तक है , उन्हें उत्तराखंड में पूरा सम्मान दिया लेकिन अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते उन्होने उत्तराखंड प्रदेश के हित में क्या किया ? ऐसे महत्वाकांक्षी नेता ही उत्तराखंड के विकास की गति में रोड़ा हैं , उत्तराखंड राज्य वन संपदा से परिपूर्ण है
उत्तराखंड राज्य में 65 प्रतिशत वन्य क्षेत्र है जिसमें अनेकों प्रकार के सुंदर जीव जन्तु है जिन्हें वन पर्यटन से जोड़कर आय का साधन बना क्षेत्रीय युवाओं को रोज़गार से जोड़ा जा सकता था। लेकिन इस राज्य का दुर्भाग्य है कि जिस वन सम्पदा व वन्य जीव से उत्तराखंड वन पर्यटन में कीर्तिमान बनाकर विदेशी पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र बनता आज वही वन्य जीव उत्तराखंड वासियों पर हमला कर रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों व वन्य से लगे क्षेत्रों में कई लोगों की जान भी चली गई है , लेकिन सरकार बेसुध है व सोई पड़ी है।उन्होंने कहा कि नेताओं की अदूरदर्शिता के चलते विभिन्न संपदाओं से परिलक्षित अमीर राज्य भी ग़रीब हो गया है और केंद्र के रहमोकरम पर आश्रित हो चुका है , पलायन ,बेरोज़गारी , शिक्षा, चिकित्सा ,मानव संसाधन विकास ,उच्च शिक्षा आदि से सरकार को कोई लेना देना नहीं है। भाजपा सरकार व संगठन तुम रूठो हम मनाएँ एजेंडे पर काम कर रही है और चुनावी वर्ष में झूठी घोषणा कर उत्तराखंड की जनता को गुमराह कर रही है ।
दीपक बल्यूटिया ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि हरक सिंह के चुनाव ना लड़ने के बयान आते ही राजनैतिक दल व नेता उनके आगे ऐसे नतमस्तक हो गये जैसे हरक नही कोई उत्तरखंड का भाग्य विधाता हो , राज्य सर्वोपरी है और रहेगा , हरक सिंह उत्तराखंड के गुनहगार है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार मैं हरक सिंह रावत ने लोकतंत्र की हत्या करने का कुचक्र रचा जिससे कुछ महीनों के लिए राज्य के विकास कार्य बाधित हुए थे ।