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चुनाव के तारीखों के साथ देश में आचार संहिता लागू, ये पाबंदियां,जान लीजिए
मतदान की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही पूरे देश में आचार संहिता भी लागू हो गई है. आचार संहिता चुनाव के नतीजे आने तक लागू रहेगी. इस दौरान राजनीतिक दलों पर कई तरह की पाबंदियां रहेंगी. इस दौरान संबंधित सरकार भी किसी नई योजना का ऐलान नहीं कर सकती है। चुनाव आयोग 18वीं लोकसभा के लिए चुनावों का ऐलान कर दिया है। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही पूरे देश में एक साथ ही आदर्श आचार संहिता (Model Code Of Conduct) लागू हो गयी है। निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ नियम बनाए हैं जिनका सभी राजनीतिक पार्टियो को पालन…
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पूर्व IAS सुखबीर संधू और ज्ञानेश कुमार बने चुनाव आयुक्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति ने निर्वाचन आयोग में दो आयुक्तों के खाली पदों पर भर्ती के लिए दो नामों पर मुहर लगा दी। समिति ने ज्ञानेश कुमार गुप्ता और सुखबीर सिंह संधू को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। ये दोनों रिटायर्ड IAS हैं। दोनों अलग-अलग समय में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से रिटायर्ड हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दोनों आयुक्त के पद पहले अनूप चंद्र पाण्डेय के फरवरी में रिटायरमेंट और फिर हाल ही में अरुण गोयल के इस्तीफे से खाली हुए थे। लोकसभा चुनाव से पहले देश को दो नए चुनाव आयुक्त मिल गए हैं. जिनमें की एक हैं केरल से ज्ञानेश कुमार और दूसरे…
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33 साल बाद बाद चुनावी राजनीति से बाहर हुए डा. निशंक
भारतीय जनता पार्टी ने दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के टिकट काटकर उन्हें तगड़ा झटका दिया है। हरिद्वार से डा. रमेश पोखरियाल निशंक जबकि गढ़वाल से तीरथ सिंह रावत का टिकट काटा गया है। डा. रमेश पोखरियाल निशंक पिछले 33 सालों से लगातार चुनावी राजनीति में सक्रिय थे। अब देखना होगा कि त्रिवेंद्र और अनिल बलूनी को क्षेत्र की जनता अपना आशीर्वाद देती है या फिर पार्टी हाईकमान के निर्णय को नकार देगी। लेकिन दो बार हरिद्वार का सांसद रहने के बाद इस बार निशंक का टिकट काटा गया है। निशंक दो बार सांसद रहने के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और विधायक भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी…
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उत्तराखण्ड के लिए समान नागरिक संहिता (य़ूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
उत्तराखण्ड के लिए समान नागरिक संहिता (य़ूसीसी) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब नियमावली बनने के बाद इसे उत्तराखण्ड राज्य में लागू कर दिया जाएगा। यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी की पुष्टि सचिव गृह शैलेश बगोली ने दी। राज्यपाल ने यूसीसी विधेयक राष्ट्रपति को भेजा था। राजभवन ने इस पर विचार करने के बाद विधायी विभाग को भेजा था। विधायी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है। चूंकि यह संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए बिल अनुमोदन के लिए राज्यपाल से राष्ट्रपति को भेजा गया था।
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CAA लागू होने के बाद सवेंदनशील जगहों की सुरक्षा कड़ी, अर्द्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए), 2019 लागू किए जाने के बाद दिल्ली के अनेक हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और शहर के उत्तर पूर्वी भाग में तथा शाहीन बाग, जामिया नगर एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अर्द्धसैनिक बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) 11 दिसंबर, 2019 को संसद में पारित हुआ था। इसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग इलाकों में 2019-20 में कई महीने तक सीएए विरोधी प्रदर्शन हुए थे। उत्तर पूर्व दिल्ली में 2020 की शुरुआत में इस कानून को लेकर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं भी…