चिंताजनक तस्वीर : नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली में लिंगानुपात गिरा
नैनीताल वर्ष 2019-20 की राज्य स्तरीय समीक्षा में प्रदेश के नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गयी है। जिलों में बने मदर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम की लापरवाही पर भी सवाल उठे हैं।
वर्ष 2018-19 की अपेक्षा 2019-20 में नैनीताल का लिंगानुपात घटकर 906, पिथौरागढ़ का 887 जबकि चमोली का 864 रह गया है।
कन्या भ्रूण हत्या की निगरानी के लिए जिलों में मदर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम बनाया गया है। समीक्षा के दौरान ट्रेकिंग सिस्टम की लापरवाही पर सवाल भी उठाए गए। इन जिलों में घटे लिंगानुपात से साफ हुआ कि ट्रेकिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।
“तीन जिलों में घटा लिंगानुपात चिंता का विषय है। इसके लिए इन जिलों में मॉनीटरिंग बढ़ाई जा रही है। गर्भवती महिलाओं की तिमाही जांच की अनिवार्यता पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही वन स्टॉप सेंटरों को सक्रियता बढ़ाने की चेतावनी जारी की है। सेंटरों की पूरी कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।” – ओमप्रकाश, मुख्य सचिव, उत्तराखंड