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दीपावली में चाइनीज पटाखों की बिक्री नहीं होगी
उत्तराखंड में इस बार दीपावली पर चाइनीज या आयातित पटाखों की बिक्री नहीं होगी। पिछले कई सालों से पटाखों के आयात लाइसेंस पर प्रतिबंध होने के बावजूद दीपावली पर बाजारों में चाइनीज पटाखे खूब बिकते हैं। केंद्र ने आयातित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए राज्यों को सख्त कदम उठाने के दिशानिर्देश दिए हैं। शीघ्र ही सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को पटाखों के आयात और बिक्री रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे। पटाखों की बिक्री के लिए डीएम के माध्यम से अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाते हैं। वहीं, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखों की बिक्री को प्रतिबंधित कर पटाखा कारोबार के लिए एक निश्चित स्थान तय किया जाता…
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कुमाऊं की होनहार हरिद्वार में जी रही खानाबदोश जीवन
कुमाऊं यूनिवर्सिटी का अल्मोड़ा कैंपस कभी हंसी प्रहरी के नारों से गूंजता था। राजनीतिशास्त्र व इंग्लिश में एमए किया। पर समय का पहिया किस ओर घूमता है ये किसे पता। जोे लड़की कभी विवि की पहचान हुआ करती थी वह आज भीख मांगने के लिए मजबूर है। हरिद्वार की सड़कों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और गंगा के घाटों पर उसे भीख मांगते हुए देखने पर शायद ही कोई यकीन करे कि उसका अतीत कितना सुनहरा रहा होगा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के अंतर्गत गोविंन्दपुर के पास रणखिला गांव पड़ता है। इसी गांव में पली-बढ़ीं हंसी पांच भाई-बहनों में से सबसे बड़ी बेटी है। वह…
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कुमाऊं विश्वविद्यालय में होगी अस्थाई प्राध्यापकों की नियुक्ति
नैनीताल– टीचिंग क्षेत्र में जॉब ढूंढ रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय डीएसबी परिसर भीमताल में रिक्त पदों और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए गेस्ट फैकेल्टी की नियुक्ति कर रहा है और रजिस्ट्रार की तरफ से इस की विज्ञप्ति भी जारी कर दी गई है। 28 अक्टूबर को स्वामी विवेकानंद या हरिमिटेज भवन में सुबह 10:00 बजे से इन पदों के लिए इंटरव्यू किए जाएंगे। दरअसल कुमाऊं विश्वविद्यालय में आंतरिक व्यवस्था के तहत 2020 21 के शैक्षणिक सत्र में नियमित नियुक्ति तक अस्थाई व्यवस्था के तहत नियुक्ति की जानी है जिसमें गेस्ट फैकेल्टी को प्रति प्रिय ₹500 या मासिक ₹25000 अथवा यूजीसी से निर्धारित…
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Navratri : इन नौ औषधियों में नवदुर्गा का वास है
मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं। इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां, जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में जाना जाता है। नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों को सर्वप्रथम मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में दर्शाया गया। चिकित्सा प्रणाली का यह रहस्य वास्तव में ब्रह्माजी ने दिया था जिसे बारे में दुर्गा कवच में संदर्भ मिल जाता है। ये औषधियां समस्त प्राणियों के रोगों को हरने वाली हैं। ये शरीर की रक्षा के लिए कवच समान कार्य करती हैं। इनके प्रयोग से मनुष्य अकाल मृत्यु से बचकर सौ वर्ष जी सकता है।…
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किस्मत बनाने वाले नीम करोली बाबा
नैनीताल के कैंची धाम स्थित बाबा नीम करोली आज किस्मत बनाने वाले करोली बाबा के नाम से विश्व भर में विख्यात है। मंदिर चारों ओर से ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और मंदिर में हनुमान जी के अलावा भगवान राम एवं सीता माता तथा देवी दुर्गा जी के भी छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। किन्तु कैंची धाम मुख्य रूप से बाबा नीम करौली और हनुमान जी की महिमा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आने पर व्यक्ति अपनी सभी समस्याओं के हल प्राप्त कर सकता है। देवभूमि उत्तराखंड में कैंची धाम एक ऐसी जगह है जहां कोई भी मुराद लेकर जाए तो वह खाली हाथ नहीं लौटता। इस धाम में…