अल्मोड़ा
अल्मोड़ा की खबरें
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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने की वार्डन की धुनाई
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को हॉस्टल वार्डन का काम देख रहे एसोसिएट प्रोफेसर और एक जूनियर रेजीडेंट के बीच विवाद हो गया। इस पर प्राचार्य के बीच-बचाव के बाद कुछ देर मामला शांत हुआ। लेकिन इसी बीच एक दर्जन से अधिक जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर वहां पहुंच गए और उन्होंने वार्डन की जमकर धुनाई कर दी। बाद में दोनों मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित पुलिस चौकी पहुंचे, जहां काफी देर बहस और के बाद समझौता हो गया। जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजीडेंट के पद पर कार्यरत एक डॉक्टर पिछले दिनों छुट्टी पर गए थे। पता लगा है कि इनके स्थान पर कोई दूसरे रेजीडेंट डॉक्टर चार…
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222 दिन बाद श्रद्धालुओं से गुलजार हुआ जागेश्वर धाम, दो दिन में 19 श्रद्धालुओं ने किया रुद्राभिषेक
सुप्रसिद्ध जागेश्वर धाम 222 दिन बाद श्रद्धालुओं से गुलजार हुआ जागेश्वर धाम, दो दिन में 19 श्रद्धालुओं ने किया एक बार फिर से भौतिक पूजाएं शुरू हो गई हैं। जिला प्रशासन ने ट्रायल के बाद भौतिक पूजा की अनुमति दे दी है। मंदिर में रविवार को नौ, सोमवार को 10 भौतिक पूजाएं हुईं। नई व्यवस्था के तहत एक दिन में 10 पूजाएं ही होंगी। पूजा में एक परिवार के चार सदस्य ही शामिल हो सकेंगे। कोविड-19 के चलते जागेश्वर धाम में 17 मार्च से पूजा कराने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो इसके मद्देनजर ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था की गईं थीं। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन…
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कुमाऊं की होनहार हरिद्वार में जी रही खानाबदोश जीवन
कुमाऊं यूनिवर्सिटी का अल्मोड़ा कैंपस कभी हंसी प्रहरी के नारों से गूंजता था। राजनीतिशास्त्र व इंग्लिश में एमए किया। पर समय का पहिया किस ओर घूमता है ये किसे पता। जोे लड़की कभी विवि की पहचान हुआ करती थी वह आज भीख मांगने के लिए मजबूर है। हरिद्वार की सड़कों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और गंगा के घाटों पर उसे भीख मांगते हुए देखने पर शायद ही कोई यकीन करे कि उसका अतीत कितना सुनहरा रहा होगा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के अंतर्गत गोविंन्दपुर के पास रणखिला गांव पड़ता है। इसी गांव में पली-बढ़ीं हंसी पांच भाई-बहनों में से सबसे बड़ी बेटी है। वह…
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महिलाओं मास्क पहनकर निकाली कलश यात्रा
रानीखेत शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही नगर क्षेत्र में दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू हो गया है। कोविड-19 के चलते इस बार पंडालों में भीड़ नहीं है। आयोजक कोविड गाइड लाइंस के आधार पर महोत्सव की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। नगर में गांधी चौक और बैंक बिल्डिंग परिसर में पंडाल सजे हुए हैं। यहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद मूर्तियां स्थापित की गईं। चौबटिया में मां दुर्गा महोत्सव के दौरान महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, जिसमें सभी महिलाओं ने मास्क का प्रयोग किया और सुरक्षित दूरी के साथ कलश यात्रा निकाली। कोविड- 19 के नियमों का पालन करते हुए दुर्गा महोत्सव किया जा रहा है। आचार्य संतोष सती…
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हर्षोल्लास के साथ मनाया गया खतडुआ
कुमाऊं का प्रसिद्व त्यौहार खतड़ुवा धूमधाम से मनाया गया।उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि व पशुपालन ही है।उत्तराखंड में वर्तमान में भी पशुपालन व कृषि से सम्बंधित कई त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें खतडुवा भी एक मुख्य त्यौहार है,जो कि सिर्फ कुमाऊँ मंडल में मनाया जाता है।मान्यताओं के अनुषार खतडुवा शब्द की उत्पत्ति खातड़ शब्द से हुई है,जिसका अर्थ है-रजाई या अन्य गर्म कपड़े।सितंबर के मध्य से पहाड़ो में धीरे-धीरे ठंडा शुरू हो जाता है,यही वक्त है जब पहाड़ के लोग गर्मियों के कपड़े निकालकर धूप में सूखाते हैं और पहनना शुरू करते हैं।इस तरह यह त्यौहार वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद शीत…