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उत्तराखंड खेत लीज पर देने वाला पहला राज्य बना
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां सरकार ने कृषि भूमि को पट्टे पर देने की नीति बनाई है। 30 साल की लीज पर जमीन देने के एवज में संबंधित किसान को जमीन का किराया मिलेगा। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में, खेती, कृषि, बागवानी, जड़ी-बूटियों, ऑफ-सीजन सब्जियों, दूध उत्पादन, चाय बागान, फल संकरण और सौर ऊर्जा के लिए भूमि पट्टे की बाधाओं को इस कदम के साथ हटा दिया गया है। राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अब कोई भी संस्था, कंपनी, फर्म या एनजीओ 30 साल के लिए लीज पर अधिकतम 30 एकड़ जमीन को पट्टे पर देकर…
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उत्तराखंड – चीन सीमा पर वायुसेना सतर्क
गौचर(चमोली), लद्दाख में चल रहे भारत-चीन तनाव के बीच उत्तराखंड में भी चीन सीमा पर सेना और वायुसेना सतर्क है। उत्तरकाशी में वायुसेना के हेलीकॉप्टर सीमा का जायजा ले रहे हैं। वहीं, चमोली जिले के गौचर में सेना के जवान हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरने और चढ़ने का अभ्यास कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ऐसी किसी जानकारी से इनकार कर रहा है। उत्तराखंड में चीन से सटी 345 किलोमीटर लंबी सीमा में से करीब 90 किलोमीटर चमोली जिले में है। सीमा का यह भाग सर्वाधिक संवेदनशील है। जिले की मलारी घाटी में स्थित बाड़ाहोती में चीन वर्ष 2014 से 2018 तक 10 बार घुसपैठ कर चुका है। हालांकि…
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राज्यपाल कोश्यारी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आवास समेत अन्य सुविधाओं का बकाया जमा नहीं करने पर जारी अवमानना नोटिस के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेंगे। कोश्यारी को जारी अवमानना नोटिस उनके हाईकोर्ट में सीनियर अधिवक्ता द्वारा ही रिसीव किया गया था। सुविधाओं के बकाया मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व सीएम बीसी खंडूरी, पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिल चुकी है। रूरल ने दायर की थी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास व अन्य सुविधाओं का बकाया छह माह में जमा करने के…
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उत्तराखंड: 319 साल पुराना दुर्लभ ताम्रपत्र मिला
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पुरातत्व विभाग को राजा ज्ञान चंद के शासनकाल का करीब 319 साल पुराना एक दुर्लभ ताम्रपत्र मिला है। ताम्रपत्र के जरिए राजा ज्ञान चंद ने द्वाराहाट के दूनागिरि क्षेत्र में सिमल्टिया निवासी तीन व्यक्तियों को ज्यूला और खुनौ की पैताल की भूमि से लगी हुई 300 नाली भूमि दान में दी थी। यह ताम्रपत्र सिमल्टा गांव के मूल निवासी अवकाश प्राप्त कर्नल दिव्यदर्शन पांडे के पास सुरक्षित रखा हुआ है। पुरातत्व विभाग जल्द ही इस ताम्रपत्र को विभाग में रजिस्टर्ड भी करवाएगा। ताम्रपत्र कुमाऊंनी भाषा और देवनागिरीलिपि में लिखा गया है। यह दुर्लभ ताम्रपत्र राजा ज्ञानचंद ने 18 अगस्त 1701 को पूर्णिमा के दिन जारी किया था।…
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त्रिवेंद्र का कांग्रेस पर पलटवार
देहरादून, हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अब फ्रंटफुट पर उतर आए हाईकोर्ट के फैसले को लेकर उनकी जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि पद संभालने के दिन भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का वादा किया था। पिछले साढ़े तीन साल यही किया और पांच साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर भी इस पर कायम रहेंगे। वह कांग्रेस महासचिव हरीश रावत को भी कठघरे में खड़ा करने से नहीं चूके। नैनीताल हाईकोर्ट के सीबीआइ जांच के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थगनादेश दे दिए जाने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री…